Thursday, November 01, 2018

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा

A particular phrase in this song caught my attention as I listened to it recently (I first listened to it when the movie got released, in 1975):

तुम गर साथ हो, मंज़िलों की, कमी तो नहीं

The lyrics describe how a human being can feel empowered in another's presence, a powerful sentiment: "If you are with me, there is no limit to where we can go".

Considerable background to this song is provided in a blog post on the Internet: TERE BINA ZINDAGI SE KOI SHIKWA LYRICS AND TRANSLATION: LET’S LEARN URDU-HINDI



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तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िंदगी तो नहीं, ज़िन्दगी नहीं, ज़िन्दगी नहीं, ज़िन्दगी नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से शिकवा तो नहीं ...

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[काश ऐसा हो तेरे कदमों से
चुनके मंज़िल चलें, और कहीं, दूर कहीं] - 2
तुम गर साथ हो, मंज़िलों की, कमी तो नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं, शिकवा नहीं, शिकवा नहीं, शिकवा नहीं

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... dialog ...
[जी में आता है, तेरे दामन में
सर छुपाके हम, रोते रहें, रोते रहें] - 2
तेरी भी आँखों में आंसुओं की नमी तो नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं, शिकवा नहीं, शिकवा नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िंदगी तो नहीं, ज़िन्दगी नहीं, ज़िन्दगी नहीं, ज़िन्दगी नहीं

... ♫ ♫ ♫ ♫ ...
[तुम जो कह दो तो आज की रात
चाँद डूबेगा नहीं, रात को रोक लो] - 2
रात की बात है, और ज़िन्दगी बाकी तो नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं, शिकवा नहीं, शिकवा नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िंदगी तो नहीं, ज़िन्दगी नहीं, ज़िन्दगी नहीं, ज़िन्दगी नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से शिकवा तो नहीं ...

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