Sunday, November 22, 2009

कल हो न हो





हर घड़ी बदल रही है रूप ज़िंदगी
छाओं है कभी कभी है धूप ज़िंदगी
हर पल यहाँ जीभर जियो
जो है समा कल हो न हो

चाहे जो तुम्हे पूरे दिल से
मिलता है वोह मुश्किल से
ऐसा जो कोई कहीं है
बस वोही सब से हसीं है
उस हाथ को तुम थाम लो
वो मेहरबान कल हो न हो
हर पल यहाँ जीभर जियो
जो है समा कल हो न हो

पलकों के लेके साए पास कोई जो आये
लाख संभालो पागल दिल को
दिल धडके ही जाए
पर सोच लो इस पल है जो
वो दास्तान कल हो न हो
हर घड़ी बदल रही है रूप ज़िंदगी
छाओं है कभी कभी है धूप ज़िंदगी
हर पल यहाँ जीभर जियो
जो है समा कल हो न हो
हर पल यहाँ जीभर जियो
जो है समा कल हो न हो
जो है समा कल हो न हो

1 comment:

K. Ramesh Babu said...

I ran into this German embassy's take on this song recently: Lebe jetzt - Kal Ho Naa Ho