Saturday, November 21, 2009

यह दूरियां ...

The poet sings that all distances [between people] be removed. Doesn't everybody like to be close to others?





यह दूरियां ...
इन राहों की दूरियां
निगाहों की दूरियां
हमराहों की दूरियां
फना हो सभी दूरियां

क्यों कोई पास है दूर है क्यों कोई जाने न कोई यहाँ पे
आ रहा पास या दूर मैं जा रहा जानू न मैं हूँ कहाँ पे

कभी हुआ यह भी खाली राहों पे भी तू था मेरे साथ
कभी तुझे मिलके लौटा मेरा दिल यह खाली खाली हाथ
यह भी हुआ कभी, जैसे हुआ अभी
तुझको सभी में पा लिया
तेरा मुझे कर जाती है दूरियां
सताती है दूरियां
तरसाती हैं दूरियां
फना हो सभी दूरियां

कहा भी न मैंने, नहीं जीना मैंने, तू जो न मिला
तुझे भूले से भी, बोला न मैं यह भी, चाहूं फासला
बस फासला रहे
बनके कसक जो कहें
हो और चाहट यह जवान
तेरी मेरी मिट जानी है दूरियां
बेगानी है दूरियां
हट जानी है दूरियां
फना हो सभी दूरियां

1 comment:

Suman said...

nice