Thursday, December 18, 2008

अगर तुम न होते






हमे और जीने की चाहत न होती
हमे और जीने की चाहत न होती
अगर तुम न होते, अगर तुम न होते
हमे और जीने की चाहत न होती
अगर तुम न होते, अगर तुम न होते

हमे जो तुम्हारा सहारा न मिलता
भंवर में ही रहते, किनारा न मिलता
हमे जो तुम्हारा सहारा न मिलता
भंवर में ही रहते, किनारा न मिलता
किनारे पे भी तो, लहर आ डुबोती
अगर तुम न होते, अगर तुम न होते
हमे और जीने की चाहत न होती
अगर तुम न होते, अगर तुम न होते

तुम्हे क्या बतावू की तुम मेरे क्या हो?
मेरी ज़िंदगी का तुम ही आसरा हो
तुम्हे क्या बतावू की तुम मेरे क्या हो?
मेरी ज़िंदगी का तुम ही आसरा हो
में आशा की लडियां न रह रह पे रोती
अगर तुम न होते, अगर तुम न होते
हमे और जीने की चाहत न होती
अगर तुम न होते, अगर तुम न होते

हर एक गम तुम्हारा सहेंगे खुशी से
करेंगे न शिकवा कभी भी किसी से
हर एक गम तुम्हारा सहेंगे खुशी से
करेंगे न शिकवा कभी भी किसी से
जहाँ मुझ पे हंसता, खुशी मुझ पे रोती
अगर तुम न होते, अगर तुम न होते
हमे और जीने की चाहत न होती
अगर तुम न होते, अगर तुम न होते

No comments: